छत्तीसगढ़
अधिकारी का मोबाइल नंबर क्लोन कर कंपनी से उड़ाए 2 करोड़, FIR दर्ज
Shantanu Roy
18 Oct 2026 7:13 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां अज्ञात साइबर ठगों ने एक निजी कंपनी के अधिकृत अधिकारी के मोबाइल नंबर का कथित तौर पर क्लोन बनाकर कंपनी को 2 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। ठगों ने अधिकारी के नंबर से कंपनी के अकाउंटेंट को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर तत्काल रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। अकाउंटेंट ने संदेश को वरिष्ठ अधिकारी का निर्देश समझकर बताए गए बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 2 करोड़ रुपये भेज दिए। बाद में जब संबंधित अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने ऐसा कोई निर्देश देने से इनकार कर दिया। इसके बाद कंपनी प्रबंधन को ठगी का पता चला और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई।
अधिकारी के नाम से आया WhatsApp मैसेज
जानकारी के अनुसार, यह मामला रायपुर स्थित वांकला केबल्स एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड के कॉर्पोरेट कार्यालय का है। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 को कंपनी के अधिकृत अधिकारी अंशुल शर्मा के मोबाइल नंबर से अकाउंटेंट बीरेश तिवारी को वॉट्सऐप पर एक संदेश प्राप्त हुआ। इस संदेश में तत्काल 2 करोड़ रुपये एक निर्धारित बैंक खाते में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए थे। मैसेज अधिकारी के नंबर से आया हुआ दिखाई देने के कारण अकाउंटेंट को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ और उसने भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी।
RTGS के जरिए प्रयागराज भेज दिए 2 करोड़ रुपये
अकाउंटेंट बीरेश तिवारी ने वॉट्सऐप पर मिले निर्देश के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा की पंडरी शाखा से रकम ट्रांसफर की। बताया गया है कि आरटीजीएस के माध्यम से पूरे 2 करोड़ रुपये प्रयागराज स्थित एक बैंक खाते में भेज दिए गए। यह भुगतान कंपनी के अधिकृत अधिकारी का निर्देश समझकर किया गया था। हालांकि, बाद में सामने आया कि अधिकारी की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था।
अधिकारी से बातचीत हुई तो खुला ठगी का राज
रकम ट्रांसफर होने के बाद जब अकाउंटेंट और कंपनी प्रबंधन ने अधिकृत अधिकारी अंशुल शर्मा से संपर्क किया तो पूरी घटना का खुलासा हुआ। अंशुल शर्मा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अकाउंटेंट को वॉट्सऐप पर रकम ट्रांसफर करने का कोई संदेश नहीं भेजा था। यह जानकारी सामने आते ही कंपनी प्रबंधन में हड़कंप मच गया। इतनी बड़ी रकम अज्ञात बैंक खाते में भेजे जाने के बाद तुरंत साइबर ठगी की आशंका जताई गई। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की।
मोबाइल नंबर क्लोनिंग या WhatsApp के दुरुपयोग की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस साइबर ठगी में कंपनी के अधिकृत अधिकारी के मोबाइल नंबर की क्लोनिंग या वॉट्सऐप अकाउंट के दुरुपयोग की आशंका जताई गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ठगों ने वास्तव में मोबाइल नंबर क्लोन किया था, वॉट्सऐप अकाउंट पर अनधिकृत नियंत्रण हासिल किया था या किसी अन्य तकनीक से अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल किया। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों, वॉट्सऐप संदेशों और बैंक लेनदेन से संबंधित जानकारी का परीक्षण किया जाएगा।
प्रयागराज के बैंक खाते की जांच पर नजर
कंपनी की शिकायत के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि प्रयागराज स्थित जिस बैंक खाते में 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए, उसका संचालन कौन कर रहा था। खाते के वास्तविक धारक और रकम आगे किन खातों में भेजी गई, यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। फिलहाल ठगी की रकम वापस मिलने या किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला बड़ी रकम के ऑनलाइन भुगतान से पहले संबंधित अधिकारी से स्वतंत्र माध्यम से पुष्टि करने की आवश्यकता को उजागर करता है। साइबर ठग वरिष्ठ अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर कर्मचारियों को तत्काल भुगतान करने का निर्देश दे सकते हैं। ऐसे में केवल वॉट्सऐप संदेश के आधार पर बड़ी रकम ट्रांसफर करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। फिलहाल रायपुर साइबर सेल शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के वास्तविक तरीके और इसके पीछे शामिल लोगों का खुलासा हो सकेगा।
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